Skip to main content

पियूष को जाने

नमस्कार दोस्तों,

में हु आपका दोस्त पियूष, जिसे लिखा पंसद है । वैसे तो में अपनी जीविका कंप्यूटर इंजीनियरिंग करके चलता हु, पर मुझे गुमने का पहाड़ो पर सेर करने में बड़ा मजा आता है॥ में अपने फ्री वक्त में कुछ न कुछ अलग अलग चीज़ सीखता रहता हु॥

मुझे आधात्म के बारे में पड़ना और जानना भी बहुत अच्छा लगता है ॥

अगर आप मुझे सोशल मीडिया पर फॉलो करना तो निचे दिए लिंक देख सकते है ॥  

Twitter 

Facebook  

Instagram 

LinkedIn

YouTube 

Comments

Popular posts from this blog

सवाल अपनों की खुशी का

बुरा तो हमें भी लगा, पर क्या करे सवाल अपनो की खुशी का था। अड़ तो हम भी सकते थे, पर क्या करे सवाल अपनों की ख़ुशी का था। सही और गलत में मन मेरा भी उलझा था, क्या होगा क्या नही होगा सवाल मेरे मन में भी था। बहलाया हमने अपने मन को कहकर जो होगा देखा जायेगा। खुद की राहे बनाने का ख्वाब और दम हममे भी था, पर रुक गए। क्यु की सवाल अपनों की ख़ुशी का था॥