अजीब हे ये दासता..!! आते है मन को ख़याल बड़े चंगे, करता है मन उनको उतरने को खत पर। पर देखो ये साला...!! कभी वक्त नही मिलता, कभी दवात नही मिलती और कभी शब्द नहीं मिलते। और जब मिलते है सब तो वो ख़याल नहीं मिलता ॥।
मेने ये ब्लॉग अपने मन के विचारो को लिखने के लिए बनाया है, अगर पसंद आये जरूर कमेंट करके बताये॥