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अवसाद या प्यार

आवारा हुआ में पागल हुआ, कैसी बीमारी से में घायल हुआ।
न दिन में है चैन न रात में आराम, कोई बता दो में इसको कैसे दू विराम॥
 

आवारा हुआ में पागल हुआ, कैसी बीमारी से में घायल हुआ।
न दिल को सुकून न तन को आराम, अरे मन क्यों की तूने नींदे हराम ॥

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