Skip to main content

हमारी अधूरी कहानी

एक बार की बात है हमको उनसे और उनको हमसे प्यार हुआ|

कुछ अपनों को मनाने की बाते हुई, और इसी दरमिया उनका प्यार थोड़ा गहरा गया ।

हम समज ना पाए, थोड़ा रुके पर साला इसी मशक्कत में साला देर हो गयी

और उन्हें लगा की हम उनके प्यार से मुकर गए 

और साला इसी कश्मकश में हमारा प्यार उनसे और बाद गया

अब होना क्या था वो हमसे मुकर चुके थे, अब लगे है उनको मनाने में 

चलो फिर कभी बतायेगे आगे क्या रंग आता है हमारी कहानी में |

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

सवाल अपनों की खुशी का

बुरा तो हमें भी लगा, पर क्या करे सवाल अपनो की खुशी का था। अड़ तो हम भी सकते थे, पर क्या करे सवाल अपनों की ख़ुशी का था। सही और गलत में मन मेरा भी उलझा था, क्या होगा क्या नही होगा सवाल मेरे मन में भी था। बहलाया हमने अपने मन को कहकर जो होगा देखा जायेगा। खुद की राहे बनाने का ख्वाब और दम हममे भी था, पर रुक गए। क्यु की सवाल अपनों की ख़ुशी का था॥