मन के ख़याल - ५ January 02, 2021 चीखने चिल्लाने का मन तो मेरा भी करता है बहुत।परकब, कहा, क्यों, किस परबस यही सोच कर चुप हो जाता हु॥ Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Labels ख़याल मन Share Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
शिव सी शांति October 25, 2023 शिव सी शांति चाहिए तो कण्ठ मे ज़हर, गले मे विषेला साँप, बगल मे दुर्गा की आग, जटा मे रौद्र गँगा क्या तुम्हें अब भी लगता हे शांति सस्ती है? Read more
भूख़ February 05, 2021 ये जीवन की भूख़ ने लड़ा रखा है मेरे दोस्त, वर्ना हमने तो कुत्ते बिल्लियों को भी २ गज की दुरी में चैन से सोते देखा है। Read more
मन के ख़याल - ४ December 21, 2020 code तो हम लिखते है जीवन चलाने को। वर्ना मन तो लगता है हमारा जीवन की गहराई जानने को॥ Read more
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